त्रिपुरा में भाजपा सरकार बनने के बाद पहली बार हुआ कुछ ऐसा जो वामपंथियों के लिए एक तमाचा है !

वामपंथी, कहने पर अमूमन मीडिया में ऐसी छवि पेश की जाती है कि जैसे कोई गरीबी से लड़ने वाला एक झोला लटकाकर नास्तिक इंसान, लेकिन इन सबसे उलट अब इनकी सच्चाई धीरे-धीरे सबके सामने आ रही है. लोगों को ये आभास हो गया है कि ऐसे लोग सिर्फ जनता को बेवकूफ बनाकर शासन करना चाहते हैं. इसी का नतीजा है कि आज वामपंथियों की सरकार सिर्फ केरल में रहकर सिमट गयी है. त्रिपुरा में वामपंथी विचारधारा और उनकी सरकार की भाजपा ने ऐसी विदाई की अब उनकी बोलती बंद है.

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त्रिपुरा में बीजेपी सरकार आने से काफी कुछ बदला है और आज हम आपको कुछ ऐसा ही बदलाव के बारे में बताने जा रहे हैं जो देशहित में तो है ही साथ ही आपको गर्व करने पर मजबूर कर देगा. बता दें कि त्रिपुरा भारत का ही अभिन्न अंग है लेकिन हिंदुस्तान का अंग होते हुए भी त्रिपुरा की विधानसभा में कभी राष्ट्रगान नहीं सुना गया था, लेकिनी जब से भारतीय जनता पार्टी की बिप्लब देव की सरकार आई तब से इसमें भी बदलाव नजर आया. खबर है कि त्रिपुरा विधानसभा में करीब 55 साल बाद पहली बार राष्ट्रगान बजाया गया.

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बता दें कि इस खबर को JK24x7 नाम के एक चैनल की एंकर ने ट्वीट कर शेयर किया है. उन्होंने ट्वीट में लिखा है कि:

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वाकई आपको अगर राष्ट्रगान को लेकर ये खबर मिल रही है और गर्व की अनुभूति हो रही है तो यह सिर्फ इसलिए हो पाया है कि त्रिपुरा में भाजपा की सरकार है. इसके पहले सालों तक त्रिपुरा में CPI की सरकार थी और उनकी विचारधारा के हिसाब से राष्ट्रगान होने की कल्पना एक बेईमानी सी है. बता दें कि वामपंथियों की सोच हमेशा रही है हिन्दू धर्म को अपमानित करने की, हमेशा इन्होंने हमेशा राष्ट्रवादी लोगों का विरोध किया है. ऐसे में बीजेपी की सरकार आने से बदलाव की बयार चलने लगी है.