राज्यसभा चुनाव को लेकर अमित शाह ने चला था ये मास्टरस्ट्रोक जिसमें फंस गयी सपा-बसपा ?

23 मार्च को यूपी की 10 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव हुए, जिसमें बीजेपी के लिए उम्मीद की जा रही थी कि उसके 9 उम्मीदवारों में से 8 की जीत तो पक्की है लेकिन अमित शाह और CM योगी की रणनीति ने धमाल मचाते हुए सभी विरोधियों को पस्त कर दिया. इस चुनाव में बाजी मारते हुए बीजेपी ने अपने सभी 9 उम्मीदवारों को राज्यसभा पहुँचाने में कामयाब रही. ऐसे में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की ऐसी रणनीति का खुलासा हुआ है जिसे जानकर विरोधी भी अब सन्न है. अमित शाह के इस कदम को मास्टर स्ट्रोक कहा जा रहा है.

बता दें कि जिस तरीके से बीजेपी ने राज्यसभा चुनावों में अपने उम्मीदवारों को राज्यसभा पहुंचाया है वो वाकई हर किसी को स्तब्ध करने वाला है. दरअसल जिन वोटों के दम पर सपा-बसपा का गठबंधन हुआ था उसको देखकर लग रहा था कि अखिलेश यादव अपना एक उम्मीदवार राज्यसभा पहुंचा ही देंगे, और साथ ही बसपा के भी एक उम्मीदवार को राज्यसभा पहुंचाने में सफल होंगे लेकिन सपा-बसपा का ये सपना महज सपना ही रह गया. चलिए जानते हैं कि आखिर क्या है अमित शाह का वो मास्टरस्ट्रोक जिसके चलते सपा-बसपा के सपनों पर पानी फिर गया.

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दरअसल इस पूरे प्रकरण में सबसे ज्यादा अगर किसी ने सपा-बसपा का खेल बिगाड़ा है तो वो नाम है नरेश अग्रवाल. माना जा रहा है कि नरेश अग्रवाल को भाजपा में शामिल करने की स्वीकृति देकर अमित शाह ने अपना मास्टरस्ट्रोक खेला है. नरेश अग्रवाल की वजह से उनके बेटे और सपा विधायक नितिन अग्रवाल का वोट सपा के उम्मीदवार को ना जाकर बीजेपी के उम्मीदवार को गया, जिससे सपा जो वोट बसपा उम्मीदवार को देना चाहती थी उसका संतुलन खराब हो गया. नरेश अग्रवाल के बीजेपी में जाने से बसपा बैकफुट पर नजर आ रही है.

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बसपा को लग रहा था कि वो सपा के वोटों के सहारे अपने एक उम्मीदवार भीमराव अम्बेडकर को राज्यसभा पहुँचाने में कामयाब हो जाएगी लेकिन खुद बसपा के ही विधायक अनिल सिंह ने बसपा को वोट नहीं दिया, जिसका फायदा बीजेपी को मिला. यही नही अमित शाह की रणनीति का असर सिर्फ बीजेपी की जीत पर नहीं हुआ है बल्कि सपा-बसपा के गठबंधन पर भी पड़ा है. अब देखना ये है कि आखिर इन दोनों पार्टियों का गठबंधन कितना आगे बढ़ता है.