अमेरिका के ऐसे रुख को देखते हुए भारत भी उठा सकता है ऐसा कदम कि…

भारत और अमेरिका के रिश्ते इन दिनों दोस्ताना हैं. आतंकवाद के मुद्दे को लेकर दोनों देश एक सुर में बात करते हैं. इसके अलावा पारस्परिक साझेदारी को लेकर भी दोनों में नजदीकी बढ़ी है. ऐसे में उम्मीद तो की जाती है कि दोनों देश हर मुद्दे को आसानी से सुलझा देंगे लेकिन व्यापार के एक मुद्दे को लेकर अमेरिका ने भारत को बता दिया कि वो हर मामले में दोस्ती नहीं निभाएगा. अमेरिका ने जो काम किया है उसके जवाब में भारत ने भी कड़ा रुख अपनाया है. दरअसल अमेरिका ने स्टील और ऐल्युमिनियम प्रॉडक्ट्स पर भारत के लिये शुल्क बढ़ाया है जबकि यूरोपीय यूनियन, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और मैक्सिको को इसमें छूट दी गई है.

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अमेरिका के इस तरह के दोगले मापदंडों को देखते हुए भारत ने भी सख्त रुख अपना लिया है और भारत अकेले ही अमेरिका के खिलाफ वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गनाइजेशन (WTO) जाने के लिये तैयार हो गया है. बता दें कि व्यापार से जुड़े विवादों को WTO में सुलझाया जाता है. नवभारत टाइम्स की खबर के अनुसार, भारत सरकार को पहले यूरोपीय यूनियन के साथ की उम्मीद थी. यूरोपीय यूनियन ने शुल्क बढ़ाने को लेकर अमेरिका को चेतावनी दी थी लेकिन यूरोपीय यूनियन को इस वृद्धि से बाहर कर दिया गया. इस वाकये के बाद भारत सरकार को अपनी रणनीति बदलनी पड़ी.

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भारत सरकार ने आधिकारिक तौर पर कहा है कि इस मुद्दे पर वो कानूनी सलाह ले रही है. इस मुद्दे पर जिन जानकारों और पूर्व अधिकारियों से बात की गई उन्होंने सलाह दी है कि, अथॉरिटीज को मजबूत रुख अपनाये रखना चाहिए. हालांकि, भारत का स्टील और ऐल्युमिनियम निर्यात में अधिक हिस्सा नहीं है लेकिन फिर भी सरकार इस मुद्दे पर सख्त बनी हुई है. मोदी सरकार ने अपने कार्यकाल में कभी भी किसी देश को हावी होने का मौका नहीं दिया है और अमेरिका के प्रति उसके हालिया रुख से ये बात स्पष्ट हो जाती है कि वो अपने देशवासियों के हित को सबसे आगे रखती है फिर चाहे मुद्दा बहुत छोटा हो या बड़ा.