नदवी का दावा- अयोध्या मुद्दे को लेकर टीम मोदी से हुई थी बातचीत और कहा था कुछ ऐसा…

पिछले काफी समय से अयोध्या का मामला कोर्ट में चल रहा है और आए दिन इस मुद्दे को लेकर रोज नई जानकारी लोगों के सामने आती रहती है। जब से केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार आई है तो राम मंदिर को लेकर लोगों में एक भरोसा जगा है और लोगों को उम्मीद है कि जल्द से जल्द मंदिर का मामला सुलझ जाएगा और विवादित स्थल पर राम मंदिर बन जाएगा। इस विवादित स्थल को लेकर एक नई जानकारी सामने आई है।

source

अयोध्या में विवादित स्थल पर मंदिर बनाने के पक्ष में खड़े मौलाना सलमान नदवी ने दावा किया है कि इस विवाद को सुलझाने के लिए खुद प्रधानमंत्री मोदी की टीम ने उनसे संपर्क किया था और उन्होंने अयोध्या में प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की बात भी कही है। अपने दावे को लेकर नदवी ने यह उम्मीद जताई है कि अयोध्या के विवादित स्थल पर राम मंदिर ही बनेगा और इस मुद्दे का समाधान होगा।

 

source

सलमान नदवी ने अपने द्वारा दिए गए बयान में कहा कि मैं दोनों समुदायों के लिए अयोध्या विवाद के शांतीपूर्ण समाधान पर काम करने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास रप रहा हूं और मुझे भावनात्मक महसूस हुआ क्योंकि अच्छा समाधान ढूंढने की कोशिश कर रहा हूं जो इस्लाम में भी स्वीकार्य है। उन्होंने आगे कहा कि कुछ लोग सिर्फ अपना स्वार्थ देख रहे हैं औऱ इस वजह से मुझे टारगेट कर रहे हैं

source

ओवैसी पर निशाना साधते हुए नदवी ने कहा कि उनके जैसे लोग समाज में नफरत और अशांती फैलाने के लिए जाने जाते हैं और ऐसे लोगों से कुछ भी उम्मीद करना गलत है। राम मंदिर बनने का दावा करने को लेकर नदवी ने कहा कि मुझे यकीन है मंदिर उसी जमीन पर बनेगा और हम अंतिम समाधान तक पहुंचेंगे। उन्होंने कहा कि हम फिर से मिलकर इस बारे में चर्चा करेंगे और इस मुद्दे को सुलझाने के लिए कुछ हल तलाशोंगे

source

प्रधानमंत्री मोदी से अपनी मुलाकात का जिक्र करते हुए नदवी ने कहा इस मुद्दे पर आगे की कार्रवाई और समाधान के लिए टीम मोदी ने संपर्क किया था और साथ ही हम अयोध्या में बैठक के बाद पीएम मोदी से मिलेंगे। जानकारी के लिए बता दें सलमान नदवी ने कुछ दिनों पहले अध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर के साथ मुलाकात करके कहा था कि मुस्लिमों को विवादित स्थल से अपना दावा छोड़ देना चाहिए क्योंकि राम मंदिर उसी जगह बनेगा, मस्जिद को कहीं और शिफ्ट किया जाए।

source