आखिर पाकिस्तान की टूटी हेकड़ी और आतंकी हाफिज सईद को लेकर मानना पड़ा कि…

पाकिस्तान एक ऐसा देश जो दूसरे देशों से प्राप्त फंड पर आश्रित रहता है, उसके उन मंसूबों को उस वक्त झटका लगा था जब अमेरिकी राष्ट्रपति ने अमेरिका द्वारा दिए जा रहे फंड को रोकने या फिर उसे बंद किये जाने की बात कही थी. बता दें कि अमेरिका का पाकिस्तान पर आरोप है कि वो जिन आतंकियों की खोज अफगानिस्तान में करता रहा है उन्हें पाकिस्तान ने अपनी जमीन इस्तेमाल करने के लिए दी. आतंकवाद पर पर्याप्त कार्रवाई ना करने के एवज में अमेरिका ने पाकिस्तान को दिए जाने वाले फंड को रोक दिया था.

यही नहीं जब अमेरिका ने फंड रोक दिया तो पाकिस्तान गीदड़ धमकियाँ देने लगा और बिना फंड के आगे बढ़ने की बात करने लगा. उस मामले को ज्यादा दिन नहीं हुए थे कि पाकिस्तान ने फंड पाने की चाहत में अपनी हेकड़ी खुद तोड़ते हुए उसकी जमीन पर पनाह लेने वाले आतंकियों पर कार्रवाई करनी शुरू कर दी है.

पाकिस्तान ने आखिर मान ही लिया कि…

बता दें कि मोदी सरकार की नीति और अमेरिकी दबाव के चलते पाकिस्तान ने आखिकार मुंबई हमले के मास्टर माइंड हाफिज सईद को बड़ा झटका दे दिया है. पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) द्वारा प्रतिबंधित व्यक्तियों और संगठनों जैसे लश्कर-ए-तैयबा, अल-कायदा तथा तालिबान पर लगाम लगाने के उद्देश्य के चलते कुछ ठोस कदम उठाने शुरू दिए हैं. इंडिया टीवी की वेबसाइट के मुताबिक इसी कार्रवाई के चलते पाकिस्तान ने जमात-उद-दावा को आतंकी संगठन घोषित कर दिया है. बता दें कि पाकिस्तान के राष्ट्रपति ममनून हुसैन ने एक ऐसे अध्यादेश पर हस्ताक्षर कर दिया है जो संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा प्रतिबंधित व्यक्तियों और संगठनों पर लगाम लगाने को लेकर है. अभी तक हाफिज सईद का नाम केवल आतंकियों की सूची में रखा गया था.

Source

माना जा रहा है कि जिस तिरीके से मोदी सरकार ने आतंकवाद पर लगाम लगाने के लिए तमाम देशों को एकजुट करने में कामयाब हुई है और पाकिस्तान की पोल खोली है, उसी का नतीजा है कि आज पाकिस्तान को मजबूरन हाफिज सईद जैसे अपने प्यारों पर कार्रवाई करनी पड़ी है.