आतंकी चला रहे थे एके-47 से गोलियां उसके बाद भी जवान ने दिखाया ऐसा शौर्य कि…

शनिवार को जम्मू के सुंजवां आर्मी कैंप पर हुए आतंकी हमले में 5 सैनिक शहीद हुए और तीन आतंकियों को मार गिराया गया लेकिन इस हमले में एक जवान ऐसा भी था जो अपने परिवार को बचाने के लिए कुछ ऐसा कर गया कि आज पूरे देश को उस जवान पर गर्व है. सूबेदार मदन लाल चौधरी नाम के इस जवान ने अपने शौर्य का ऐसा परिचय दिया कि आज उनकी वजह से उनके परिवार और उनके रिश्तेदारों की जान बची है. बता दें कि सूबेदार मदन लाल चौधरी के कैंप क्वार्टर पर उन रिश्तेदार और परिवार के लोग आये हुए थे, कि तभी आतंकवादियों ने हमला कर दिया.

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निहत्थे लिया आतंकियों से लोहा

जनसत्ता की खबर के मुताबिक जब आतंकियों ने इस जवान के कैंप क्वार्टर पर हमला किया तब वो अपने परिवार और रिश्तेदारों के साथ थे लेकिन हमला होते ही मदन लाल अपनी वीरता का परिचय देते हुए निहत्थे ही आतंकियों से लोहा लेने के लिए निकल पड़े. निहत्थे मदन लाल चौधरी पर आतंकवादियों ने एके 47 से गोलियां चलाईं, इसके बावजूद जवान मदन लाल ने आतंकियों को उनके मकसद में कामयाब नहीं होने दिया. हालाँकि मदन लाल शहीद तो हो गये लेकिन उनकी जाबांजी से उनके रिश्तेदारों और परिवार वालों की जान बच गयी.

शहीद सूबेदार मदन लाल चौधरी का पार्थिव शरीर

खरीददारी करने आया था परिवार

कठुआ जिले के हीरानगर क्षेत्र के रहने वाले शहीद मदन लाल चौधरी की उम्र 50 साल थी. परिवार वाले एक रिश्तेदार की शादी के लिए खरीददारी करने कैंप क्वार्टर आये हुए थे. शहीद मदन लाल के बड़े भाई सुरिंदर चौधरी ने बताया कि “मेरे भाई ने बहुत साहस दिखाया, और निहत्थे ही आतंकियों से लोहा लिया और उन्हें अंदर नहीं घुसने दिया. उनकी साहस की बदौलत ही आज हम जिंदा हैं. यदि वह हमें बचाने में विफल हो जाता तो पूरे परिवार का सफाया हो जाता।” हालाँकि इस हमले में शहीद जवान की 20 वर्षीय बेटी के पैर में गोली लगी लेकिन मदन लाल अपनी बहादुरी के चलते परिवार वालों की जान बचाने में कामयाब हो पाए.

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