“देश के लिए शहीद हुए जवान रामअवतार सिंह लोधी” की बहन से सीएम शिवराज सिंह चौहान ने किया ऐसा अनोखा वादा सुनकर यकीन नहीं कर पायेंगे आप!

पाकिस्तान द्वारा की गयी फायरिंग में चार जवान शहीद हो गए. हमारे देश को हमारे शहीदों पर नाज है और वहीँ पाकिस्तान के खिलाफ़ गुस्सा भरा पड़ा है. इसी मुठभेड़ में शहीद हुए जवान ग्वालियर के शहीद रामअवतार सिंह लोधी का पार्थिव शरीर उनके गाँव बरौआ पहुंचाया गया और भारत माता के जयकारों के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया.  शहीद रामअवतार सिंह लोधी के मासूम बेटे दिव्यांश ने अपने शहीद पिता को मुखाग्नि दी और इस अवसर पर सेना के जवानों ने गार्ड आॅफ आॅनर देते हुए बंदूकों से सलामी दी.

दैनिक जागरण के मुताबिक आपको बता दें कि अपने पति के अंतिम संस्कार के वक्त शहीद राइफलमैन  रामअवतार सिंह की पत्नी रचना ने प्रधानमंत्री मोदी से गुहार लगायी है और निवेदन करते हुए कहा है कि “मेरे पति की शहादत की गूंज सीमा पर सुनाई देनी चाहिए”.

“मेरे पति के खून का बदला खून से लिया जाए”, “पाकिस्तान को सबक सिखाया जाना चाहिए” रचना ने अपने दो मासूम बच्चों की परवरिश के लिए सरकार से व्यवस्था करने की बात कही और साथ ही यह भी बताया कि उनके पति तो शहीद हो गए मगर वे चाहते थे कि उनका बेटा दिव्यांश भी सेना में जाए . राइफलमैन  रामअवतार सिंह की एक साल की बेटी  भी है जिसका नाम मानसी है.

 

अपने प्राणों की आहुति देने वाले शहीद रामअवतार लोधी की पत्नी रचना लोधी को “सीएम शिवराज सिंह चौहान ने उनके घर जाकर एक करो़ड़ रूपए की सम्मान राशि का चेक भेट किया और साथ ही शहीद राइफलमैन की छोटी बहन वर्षा के सिर पर हाथ रखकर कहा कि तुम चिंता मत करना, मैं तुम्हारी शादी में जरूर आऊंगा.  साथ ही सीएम शिवराजसिंह चौहान ने वहां उपस्थित समाज के लोगों से कहा कि बेटी के लिए उचित वर की तलाश करें, क्योंकि अब इस परिवार की जिम्मेदारी पूरे प्रदेश की है.

इसी दौरान सीएम ने इस बात की भी घोषणा की कि रायरू तिराहे पर भव्य गेट बनाकर इस मार्ग का नामकरण शहीद रामअवतार लोधी के नाम पर किया जाएगा और इतना ही नहीं साथ ही गांव के स्कूल की भव्य इमारत बनाकर उसका नामकरण भी शहीद के नाम पर किया जाए.