अटल जी के देहांत पर शिवसेना के संजय राउत ने उठाया ये घटिया सवाल, देख खौलेगा आपका भी खून

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देश के पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी काफी लंबे समय से बीमार होने की वजह से दिल्ली के एम्स अस्पताल में भारती थे, जिसके बाद 15 अगस्त की शाम को उनकी अचानक तबियत बिगड़ गयी. अटल जी की तबियत इतनी ज्यादा खराब हो गयी कि उन्हें लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखना पड़ गया. अटल जी की तबियत खराब होने की खबर ने भारतीय राजनीति में भूचाल ला दिया. देशभर के तमाम नेता उन्हें देखने के लिए एम्स में पहुंचने लगे. देशभर की मीडिया भी उनपर नजर बनाये हुई थी. एम्स की तरफ से कई बार उनकी हालत को लेकर बुलेटिन भी जारी किये गये.

जानकारी के लिए बता दें पूरा देश अटल जी के ठीक होने के लिए कामना कर रहा था लेकिन 16 अगस्त की शाम को अटल जी ने हार मानते हुए आखिरी सांस ली. एम्स ने 5 बजे के बाद आखिरी बुलेटिन जारी कर बताया कि अटल जी ने 5:05 मिनट पर अंतिम सांस लेकर इस दुनिया को अलविदा कह दिया था.

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अब शिवसेना के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने रविवार को अटल जी के निधन को लेकर सवाल उठाया है कि”हमारे लोगों के बजाए हमारे शासकों को पहले यह समझना चाहिए कि ‘स्वराज्य’ क्या है. वाजपेयी का निधन 16 अगस्त को हुआ, लेकिन 12-13 अगस्त से ही उनकी हालत बिगड़ रही थी. स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रीय शोक और ध्वज को आधा झुकाने से बचने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी लाल किले से अपना विस्तृत संबोधन देना था, वाजपेयी ने इस दुनिया को 16 अगस्त को छोड़ा (या जब उनके निधन की घोषणा की गई).’

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गौरतलब है कि राज्यसभा सांसद और शिवसेना के मुखपत्र “सामना” के संपादक राउत ने मराठी में लिखे इस लेख का शीर्षक दिया है “स्वराज्य” क्या है? इसके बाद उन्होंने ये विवादित सवाल उठाया है. राउत ने मोदी सरकार और भाजपा पर सवाल खड़ा किया है कि क्या वाकई अटल जी का निधन 16 अगस्त को हुआ था या इससे पहले ही हो गया था मगर घोषणा 16 तारीख को की गयी.. राउत ने एक तरह से मोदी सरकार और भाजपा पर घटिया आरोप लगाए है. उन्होंने वाजपेयी जी के निधन के दिन को लेकर उठाए सवाल का कोई स्पष्टीकरण नही दिया है.